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सोमवार, 24 मई 2010

ग्रहों का उच्च-नीच

ग्रहों का उच्च-नीच 

  • सूर्य मेष राशि में तुंगस्थ अर्थात उच्च का होता है. 
  • चन्द्र वृष राशि में तुंगस्थ अर्थात उच्च का होता है.
  • मंगल मकर राशि में तुंगस्थ अर्थात उच्च का होता है.
  • बुध कन्या राशि में तुंगस्थ अर्थात उच्च का होता है.
  • वृहस्पति कर्क राशि में तुंगस्थ अर्थात उच्च का होता है.
  • शुक्र मीन राशि में तुंगस्थ अर्थात उच्च का होता है.
  • शनि तुला राशि में तुंगस्थ अर्थात उच्च का होता है.


ग्रह जिस राशि में उच्च का होता है उससे सातवीं राशि में नीच का होता है. अर्थात्  


  • सूर्य तुला राशि में नीच का होता है.
  • चन्द्र वृश्चिक राशि में नीच का होता है.
  • मंगल कर्क राशि में नीच का होता है.
  • बुध मीन राशि में नीच का होता है.
  • बृहस्पति मकर राशि में नीच का होता है.
  • शुक्र राशि में नीच का होता है.
  • शनि मेष राशि में नीच का होता है.

ग्रह राशि के एक निश्चित अंश पर परमोच्च होते हैं एवं उस राशि से सातवीं राशि के उसी अंश पर परम नीच होते हैं. 

जैसे :


  • सूर्य मेष राशि के १० अंश पर परमोच्च और तुला राशि के १० अंश पर परम नीच होता है.
  • चन्द्र वृष राशि के ३ अंश पर परमोच्च होता है और वृश्चिक राशि के ३ अंश पर परम नीच होता है.
  • मंगल मकर राशि के २८ अंश पर परमोच्च होता है और कर्क राशि के २८ अंश पर परम नीच होता है. 
  • बुध कन्या राशि के १५ अंश पर परमोच्च होता है और मीन राशि के १५ अंश पर परम नीच होता है.
  • बृहस्पति कर्क राशि के ५ अंश पर परमोच्च होता है और मकर राशि के ५ अंश पर परम नीच होता है. 
  • शुक्र मीन राशि के २७ अंश पर परमोच्च होता है और कन्या राशि के २७ अंश पर परम नीच होता है. 
  • शनि तुला राशि के २० अंश पर परमोच्च होता है और मेष राशि के २० अंश पर परम नीच होता है. 

गोपाल